29 October 2017

विज्ञान Vs भगवान - Who win this? Science or God



दोस्तों,
हम बहुत दिन से भगवान को जानते और सुनते आ रहे हैं |
पर क्या सच में भगवान हैं ? अगर हाँ ! तो फिर उनके चमत्कार अब बंद क्यों हो गए और अभी तक जो भी उनके बारे में बताया गया वो असंभव है |
आईये ऐसे ही कुछ तथ्यों के बारे में जानते हैं |
ये पोस्ट पढ़ने के बाद आपको पता चल जाएगा की आखिर भगवान हैं या नहीं ?
तो इस पोस्ट को पूरा पढ़िए और ध्यान से पढ़िए |
चलिए शुरू करते हैं |



विज्ञान के आने के बाद क्या-क्या होना बंद हो गया 

1-*विज्ञान के आने* के बाद चमत्कार बंद हो गये।
2-*विज्ञान के आने* के बाद ईश्वर के अवतार और पैगम्बरो का आना बन्द हो गया!
3-*विज्ञान के आने* के बाद ईश्वर-अल्लाह ने धरती पर किताबे भेजना बन्द कर दिया!
4-*विज्ञान के आने* के बाद मंत्र मारने,खीर पीने और फल खाने से बच्चे पैदा होना बन्द हो गये!
5-*विज्ञान के आने* के बाद असुरो और सैतानो ने लोगो को सताना बन्द कर दिया!
6-*विज्ञान के आने* के बाद कभी किसी ने ना तो सूर्य को निगला और ना ही चाँद को तोड़ा!
7-*विज्ञान के आने* से मर्दो के मुँह,नाक,कान और पैर से बच्चे पैदा होना बन्द हो गये!
8-*विज्ञान के आने* के बाद जो बन्दर,भालू और गिद्ध संस्कृत बोलते थे, वो चींचीं और चूंचू करने लगे!
9-*विज्ञान के आने* से श्राप देकर सांप-बिच्छू बनाना भी बन्द हो गया! *जरा सोचो विज्ञान ने आपके जीवन मे कितने बदलाव लाये!!*
तो अब जय भगवान नही, *जय विज्ञान बोलो!!!!*
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1-शंकराचार्य का जन्म छठी सदी में हुआ. कहो हाँ.
शंकराचार्य ने चारधाम का निर्माण किया. कहो हाँ.
श्रवण कुमार अपने माता पिता को चार धाम की यात्रा कराने निकले थे. कहो हाँ.
उस समय राजा दशरथ अवध प्रांत के जंगल में शिकार कर रहे थे. धोखे से तीर श्रवण कुमार को लगा. फिर श्रवण कुमार के माता पिता ने राजा दशरथ को पुत्र वियोग में तड़पने का श्राप दिया.
फिर राम का जन्म. राम को वन. कैकेयी को अपयस. सीता हरण. आदि आदि.....
2-*शुन्य_का_आविष्कार पांचवीं सदी में आर्यभट्ट ने किया था।*
*यह स्थापित सत्य है।*
*तो फिर त्रेतायुग में रावण के 10 सिर बिना शून्य के कैसे गिने गए*
*या तो साबित कर दो की शून्य का आविष्कार आर्यभट्ट ने नहीं किया था* *वरना तुम्हारी लाखों वर्ष पुरानी रामायण महाभारत झुठी साबित हो रही है।*
*या फिर महाभारत पांचवीं सदी के बाद लिखी मानी जायेगी क्योंकि कौरव भी 100 भाई थे और 100 में दो शून्य आते हैं जिसका आविष्कार पांचवीं सदी में आर्यभट्ट ने किया था।*
*दो झूठ एक साथ कैसे चल सकते हैं*??
*कडवी सच्चाई यही​ है की रामायण महाभारत पांचवीं सदी के बाद ही लिखी गई थी और तब तक आर्यभट्ट द्वारा शून्य का आविष्कार किया जा चुका था।*
*द्वापर त्रेता, सतयुग सब कुछ झुठ है*।।
इतना पढ़ने से भी अगर आप *गुलाम बनाने की साजिश से अंजान है* तो आपका इलाज़ मेडिकल science में नहीं हैं
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*जय जवान - जय किसान - जय विज्ञान*
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