19 October 2017

अधिक नंबर लाने पर दलित लड़की को उच्च जाति की लड़कियों ने पीटा -adhik number laane par dalit ladki ko uchch jaati ki ladkiyon ne peeta



अधिक नंबर लाने पर दलित लड़की को उच्च जाति की लड़कियों ने  पीटा

मुजफ्फरनगर - जातीय  नफरत  के  कारण  सदियों  से  ही  दलितों  पर  अत्याचार  हो  रहे  हैं |
देश  में  कानून  होने  के  बावजूद  भी  देश  में  जातीय  नफरत  पहले  की  तरह  ही  बरकरार  है |
जातीय  नफरत  के  कई  मामले  इस  साल  आये  और  अभी  हाल  ही  में  एक  नया  मामला  आया  है  जिसमें उच्च  वर्ग  की  लड़कियों  ने  दलित  लड़की  के  ज्यादा  नंबर  लाने  पर  उसे  घसीट  कर  डंडे  से  मारा  है |
क्या  है  पूरा  मामला ?- जनता  इंटर  कॉलेज  की  17 साल  की  बारहवीं  की  छात्रा  प्रगति  पचनेड़ा  गांव  की  रहने  वाली  हैं |
शनिवार  14 अक्टूबर  को  उसे  नफरत  से  भरी  उच्च  जाति  की  लड़कियों  ने  उसे  बेरहमी  से  पीटा  |
और  फिर  उसे  स्कूल  के  सैकड़ों  बच्चों  के  सामने  डंडे  से  मारा  जिससे  उसे  काफी  गंभीर  चोटें  आयी |
इस  भयंकर  मार  से  प्रगति  बेहोश  हो  गयी | मारपीट  होने  के  बाद  प्रगति  के  माता - पिता  की  तहरीर  के  बाद  भी स्कूल  प्रशाशन  ने  कोई  भी  गंभीरता  नहीं  दिखाई  और  ना ही  इसकी  जांच  की,  की  क्यों  हुआ ऐसा ?
इस  मामले  के  बाद  गांव  के  दलितों  में  आक्रोश  फ़ैल  गया  है  और  वो  सब  एकसाथ  होकर  पुलिस  से  शिकायत  करने  थाने  गए | नई  मंडी  थाने  पर  इन  लड़कियों  के  विरुद्ध  SC/ST एक्ट  के  अंतर्गत  मुकदमा  दर्ज  किया  गया  है | इस  घटना  के  बाद  पूरे  गांव  में  तनाव  का  माहौल  है  कई  बार  दलित  और  उच्च  जाति  के  लोग  आमने - सामने आ  चुके  हैं  | कई  बार  तो  पुलिस  का  घेराव  भी  कर  चुके  हैं | इस  स्थिति  को  देखते  हुए  पुलिस  बल  को  तैनात  कर  दिया  गया  है |
प्रगति  की  बहन  का  बयान - प्रगति  की  बड़ी  बहन  निशा  है  जो  की  मेरठ  में  BCA कर  रही  है | उसने  बताया  की  जब  हम  लोग  पुलिस  के  पास  गए  तो  CO मंडी  ने  कहा कि -
'क्या  हुआ  आपकी  लड़की  मरी  तो  नहीं  है  ना !'
निशा  का  कहना  है  कि  उन्हें  लग  रहा  था  कि  इस  देश  के  प्रशासन  के  लिए  किसी  का  मरना  बहुत  जरूरी  है |
लेकिन  मेरी  बहन  तो  जिन्दा  है  और  अपने  लिए  न्याय  कि  लड़ाई  लड़  रही  है | मगर  इन  ऊंची  जात  के  लोगों  का  जमीर  जरूर  मर  गया  है |
प्रगति  ने  बताया  कि -  'इस  देश  में  क़ानून  होते  हुए  भी  स्कूल  में  SC लड़कियों  को  हमेशा  और  हर  तरह  से  परेशान  किया  जाता  है  | पास  के  गांव  कि  एक  SC लड़की  के  पास  की  सीट  पर  कोई  नहीं  बैठता  और  उन्हें  पानी  नहीं  पीने  दिया  जाता  जिसके  कारण  बहुत  सी  SC लड़कियां  अपना  पानी  घर  से  लाती  हैं |
इन  सारे  कामों  के  लिए  स्कूल  शासन  ने   कुछ  भी  नहीं  किया |'
प्रगति  का  बयान - 
वो  चार  लड़कियां  लगातार  मुझ  पर  जाति  सूचक  शब्दों   से  मुझ  पर  कमेंट  करती  थी |
उनकी  बिरादरी  की  अन्य  लड़कियां  भी  उनके  साथ  मिलकर  मेरा  मजाक  उड़ाती  थी | मुझे  चमेठी  (जाति  सूचक  शब्द ) और  मुझे  अछूत  कहकर  मेरा  उत्पीड़न  किया  जाता  था |
इस  मामले  की  शुरुआत  दसवीं  से  हुयी  जब  मेरे  75% मार्क्स  आये  थे |
ग्यारहवीं  में  भी  मेरे  मार्क्स  उन  सबसे  ज्यादा  थे |
और  अब  त्रैमासिक  टेस्ट  में  भी  मेरे  नंबर  उनसे  ज्यादा  आये | इसे  लेकर  वो  चारों  मुझ  पर  आग  बबूला  हो  उठीं |
तीन  दिनों  से  वो  लड़कियां  लगातार  मुझे  'चमारिन  गिठाल' कहकर  मेरा  मजाक उड़ाती  थी |
मेरी  सीट  पर  लगातार  छेड़छाड़  करती  रहीं |
मैंने  टीचर  से  इसकी  शिकायत  की  तो  उन्होंने  मुझे  और  परेशान  करना  शुरू  कर  दिया |
मुझे  पानी  पीने  से  रोक  दिया  गया |
दोपहर  को  छुट्टी  के  बाद  इन  लड़कियों  ने  अपने  बैग  से  डंडे  निकाले  और  मुझे  पीटने  लगी |
इन  चारों  ने  मेरा  सर  फोड़  दिया  यही  नहीं  इन लोगों  ने  मुझे  पीटते  हुए  घसीटा  और  स्कूल  के  प्रिंसिपल  ने  मेरे  दर्द  को  नजरअंदाज  कर  दिया |
और  लड़कियों  के  विरुद्ध  कोई  भी  कार्यवाही  नहीं  की | इसके  बाद  ही  मैं  पुलिस  में  गयी |
मैं  चुप  नहीं  बैठूंगी  ये  मेरी  जाति  का  अपमान  है | इस  देश  के  क़ानून  का  अपमान  है  और  इस  देश  में  रह  रहे  हर  दलित  का  अपमान  है |
अगर  आज  हम  हार  गए  तो  भविष्य   में  हमें  सुधरने  का और  अपने  ऊपर  गर्व  करने  के  लिए  कोई  चीज  ही  नहीं  बचेगी |
ये  हमारे  संविधान  निर्माता  बाबा  साहब  भीम  राव  अम्बेडकर  जी  के  संविधान  का  अपमान  है  और  साथ  ही  साथ  ये  इस  देश  में  रहने  वाले  हर  नागरिक  का  अपमान  है  जो  की खुद  को  सज्जन  और  पढ़ा  लिखा  समझते  हैं |


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[adhik number laane par dalit ladki ko uchch jaati ki ladkiyon ne peeta]
Mujaffarnagar- jaateey nafrat ke kaaran sadiyon se hi daliton par atyachaar ho rahe hain.
desh me kanoon hone ke baawjood bhi desh me jaateey nafrat pahle ki tarah hi barkaraar hai.
jaateey nafrat ke kai maamle is saal aaye aur abhi haal hi me ek naya maamala aaya hai jismein
uchch varg ki ladkiyon ne dalit ladki ke jyada number laane par use ghaseet kar dande se maara hai.
[Kya hai poora maamala]
janta inter college ki 17 saal ki barahvin ki chhatra Pragati pachnedda gaav ki rahne waali hai.
shanivaar 14 october ko use nafrat se bhari uchch jaati ki ladkiyon ne use berahamee se peeta |
aur fir use school ke saikadon bachchon ke saamne dande se maara. jisase use kaafi gambheer chotein aayi.
is bhayankar maar se pragati behosh ho gayi| maarpeet hone ke baad pragati ke mata- pita ki tahreer ke baad bhi
school prashaashan ne koi bhi gambheerta nahi dikhayi aur naa hi iski jaanch ki ki kyon hua?
is maamle ke baad gaav ke daliton mein aakrosh fail gaya hai aur vo sab eksath hokar police se shikayat karne thaane gaye.
nai mandi thaane par in ladkiyon ke viruddh SC/ST act ke antargat mukadma darj kiya gaya hai.
is ghatna ke baad poore gaav me tanaav ka mahaul hai kai baar dalit aur uchch jaati ke log aamne- saamne
aa chuke hain | kai baar to police ka gheraav bhi kar chuke hain| is sthiti ko dekhte huye police bal ko tainaat kar diya gaya hai.
Pragati ki bahan ka bayaaan-
Pragati ki badi bahan nisha hai jo ki merath mein BCA kar rahi hai| usne bataya ki jab ham log police ke paas gaye to CO mandi ne kaha
'Kya hua aapki ladki maree to nahi hai naa!'

Nisha ka kahna hai ki unhe lag raha tha ki is desh ke prashaashan ke liye kisi ka marna bahut jaroori hai.
lekin meri bahan to jinda hai aur apne liye nyaay ki ladaai lad rahi hai. magar in oonchi jaat ke logon ka jameer jaroor mar gaya hai|
Pragati ne bataya ki 'is desh mein kaanoon hote huye bhi School mein SC ladkiyon ko hamesha aur har tarah se pareshaan kiya jata hai |paas ke gaav
ki ek SC ladki ke paas ki seet par koi nahi baithata aur unhe paani nahi peene diya jata jiske kaaran bahut se SC ladkiyan apna paani ghar se laati hain.
in saare kaamon ke liye school shaasan ke kuchh bhi nahi kiya.'

Pragati ka Bayaan-
Vo chaar ladkiyan lagaataar mujh par jaati soochak sabdo se mujh par comment karti thi.
unki biraadari ki anya ladkiyan bhi unke saath milkar mera maajaak udaati thi. Mujhe Chamethi (jaati soochak shabd) aur mujhe achhoot kahkar mera utpeedan kiya jata tha.
Is maamle ki shuruaat dasvin se huyi jab mere 75% maarks aaye the.
Gyaarahvin mein bhi mere marks un sabse jyada the.
aur ab traimaasik test mein bhi mere number unse jyada aaye| ise lekar vo chaaron mujh par aag baboola ho uthin.
teen dinon se vo ladkiyan lagataar mujhe 'Chamaarin Githal' kahkar mera maajk udaati thi.
meri seet par lagaataar chhedchhad karti rahin.
maine teacher se iski shikaayat ki to unhone mujhe aur pareshaan karna shuru kar diya.
mujhe paani peene se rok diya gaya.
dopahar ko chhutti ke baad in ladkiyon ne apne bag se dande nikaale aur mujhe peetne lagi.
in chaaron ne mera sar fod diya yahi nahin in logon ne mujhe peetate huye ghaseeta aur school ke principle ne mere dard ko najarandaaz kar diya|
aur ladkiyon ke viruddh koi bhi kaaryavaahi nahi ki| iske baad hi main police mein gayi|
main chup nahi baithungi ye meri jaati ka apamaan hai. is desh ke kaanoon ka apamaan hai aur is desh mein rah rahe har dalit ka apamaan hai.
agar aaj ham haar gaye to bhavisya mein hamein sudharne ka aur apne upar garv karne ke liye koi cheej hi nahi bachegi.
Ye hamare samvidhaan nirmaata Baba sahab Bheem raao ambedkar ji ke samvidhaan ka apmaan hai aur sath hi sath ye is desh mein rahne waale har naagrik ka apmaan hai jo ki
khud ko sajjan aur padha likha samajhte hain.

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