20 September 2017

ग्लेशियर को पिघला रहा है लाल रंग बर्फ Red Ice melting Glaciers

1900 वर्ग किलोमीटर लाल बर्फ हो चुकी है अंटार्कटिका में - हिंदी जोन 
17% तक बढ़ गई ग्लेशियर पिघलने की रफ़्तार - हिंदी जोन 
आर्कटिक में बन रही "लाल बर्फ " से जलवायु परिवर्तन का प्रभाव तेज हो गया है और ग्लेशियर पिघलने की रफ़्तार बढ़ गयी है |
जर्नल नेचर जियो साइंस में प्रकाशित शोध में यह खुलासा हुआ है |
अलास्का में हुए इस शोध में पाया गया की लाल बर्फ से ग्लेशियर पिघलने की रफ़्तार बीस फ़ीसदी तक तेज हो जाती है |
शोधकर्ताओं के मुताबिक़ आर्कटिक में पाए जाने वाले शैवाल क्लैमिडोमोनास नैवलिस (और उसमें पाए जाने वाली जीवाणु ) वहां की बर्फीली सतह का रंग बदल कर उसे लाल कर दे रहे हैं | इससे बर्फ की सूर्य की रोशनी को परावर्तित करने की क्षमता कम हो जाती है क्योंकि सफ़ेद रंग प्रकाश को ज्यादा परावर्तित करता है और लाल रंग कम |
यानी लाल बर्फ में ज्यादा सूर्य की रोशनी और ऊष्मा अवशोषित होती है | इससे बर्फ तेजी से पिघलने लगती है |

बर्फ पिघलने का बनता दुष्चक्र :-


ग्रीनलैंड और अंटार्कटिक में क्लैमिडोमोनास नैवलिस के जीवाणुओं के चलते सबसे ज्यादा बर्फ लाल हो रही है |
इससे बर्फ तेजी से पिघल रही है और बर्फीला पानी बढ़ रहा है | क्लैमिडोमोनास नैवलिस का विकास इस बर्फीले पानी में तेज हो जाता है |
इससे फिर ज्यादा बर्फ लाल होती है और पिघलती है |
इससे बर्फ पिघलने का एक दुष्चक्र बन जाता है |

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