23 September 2017

क्रिकेट की दीवानगी बुढ़ापे में रखेगी चुस्त Be fit in Old


क्रिकेट के शौक़ीन जरा गौर फरमाएं 

टीवी पर पसंदीदा टीमों का मैच देखने के साथ - साथ अगर  आप खुद भी थोड़ा क्रिकेट खेलें तो बुढ़ापे में स्वस्थ एवं खुशहाल रहने की सम्भावना बढ़ जाती है |

यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ लंदन के शोधकर्ता अधेड़ उम्र के ३,५०० पुरुषों की सेहत पर क्रिकेट सहित अन्य खेलों के सकारात्मक प्रभाव आंकने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं |
उन्होंने क्रिकेट,गोल्फ,फुटबॉल और हॉकी जैसे खेलों को दौड़ने , टहलने व कसरत करने से ज्यादा फायदेमंद पाया गया |
दरअसल , इन खेलों के दौरान शरीर के ज्यादा सक्रिय होने से हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत तो बनती ही हैं साथ ही व्यक्ति के आगे चलकर व्यायाम से जी चुराने की शंका काम हो जाती है |
ये खेल पैरों की लड़खड़ाहट को दूर रखने व डिप्रेशन का खतरा घटाने में भी कारगर मिले |
प्रोफेशर डेनिएल एगिओ के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन में शोधकर्तावों ने लगातार २० साल तक ४० से ५९ साल के ३,५०० पुरुषों से रोजाना उनकी दिनचर्या का विश्तृत व्योरा लिखने को कहा |
इसमें घर के काम काज से लेकर टहलना , एक्सरसाइज करना और विभिन्न खेलों के लये समय निकालना शामिल था |
यही नहीं , उन्होंने ब्लड टेस्ट सहित अन्य जांचो के जरिये सभी प्रतिभागियों के शारीरिक और मानशिक स्वास्थय पर नजर भी रखी |
शोधकर्ताओं ने ये देखा की ४० से ५९ साल की उम्र में क्रिकेट , फुटबॉल , हॉकी ओना और गोल्फ जैसे खेल खेलने वाले पुरुष ६० पार की उम्र में शारीरिक व मानशिक , दोनों ही पहलुओं पर ६० % तक ज्यादा स्वस्थ थे |
इसकी वजह उनकी मांशपेशियां का अधिक मजबूत और लचीला था , जो उम्र बढ़ने पर शारीरिक सक्रियता बनाएं रखने के लिए अहम् है |

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